गर्मी में कपकपाते होंठ शर्दी का संकेत नहीं हैं,

अब ओढ़ना ही है तो सिमट जाओ तैयार हूँ मैं।

 

अगर हिंदुश्तान में शादी की परंपरा मुहब्बत की मजाक न बनाती,

तो नौ महीने में कटने वाली फसल तीन महीने में न काटी जाती।



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